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Nov 3, 2011

हम प्यार करें

हम प्यार करें ।।
मिलें जब जब , जुटें तब तब ,
न विचार करें ; हम प्यार करें ।।
न हो उम्र सीमा , भले धीमा धीमा ,
चलो यार करें ; हम प्यार करें ।।
इश्क़ इश्क़ इश्क़ , छुपे नहीं मुश्क़ ,
इक़रार करें ; हम प्यार करें ।।
रास्तों के पत्थर , हाथों में लेकर ,
लोग वार करें ; हम प्यार करें ।।
वक़्त का तक़ाज़ा , दे कर खाम्याज़ा ,
बार बार करें ; हम प्यार करें ।।

Jan 13, 2010

नया साल आया

हाइकु - काव्य की जापानी विधा जिसमें पहली लाइन में पांच, दूसरी लाइन में सात, एवं तीसरी लाइन में पांच अक्षरों का प्रयोग होता है तथा इसमें मात्राओं एवं आधे अक्षरों का ध्यान नहीं किया जाता । उसी तर्ज़ पर मैंने अपनी विधा "छकुईं" का सृजन किया है । इसमें मात्राओं एवं आधे अक्षरों का ध्यान न रखते हुए प्रत्येक लाइन में छह अक्षरों का प्रयोग किया गया है।
इस विधा की मेरी पहली कृति प्रस्तुत है -

नया साल आया । रंग सारे लाया ।
नया साल आया ॥
सूरज नवीन । चंद्रमा हसीन ।
फिर उगा लाया । नया साल आया ॥
हमनशीन से । तारे ज़मीन पे ।
बिछा कर लाया । नया साल आया ॥
कहीं नहीं झुका । रोके नहीं रुका ।
बेधड़क आया । नया साल आया ॥
ओल्ड को धकेला । बोल्ड हो अकेला ।
गोल्ड बन आया। नया साल आया ॥
होकर निडर । सिल्वर कल्चर ।
सिखाने को आया । नया साल आया ॥
सभी सोल्यूशन । न्यू रिसोल्यूशन ।
बनवाने आया । नया साल आया ॥
विस्तार अपार । लेकर के प्यार ।
दिल में समाया । नया साल आया ॥
भुलाने को ग़म । मस्ती का आलम ।
उठा ही तो लाया । नया साल आया ॥
सभी मुस्कुराएं । व खिलखिलाएं ।
ये सन्देश लाया । नया साल आया ॥
ख़त्म होवें कष्ट । मिटें सारे भ्रष्ट ।
यूँ हरहराया । नया साल आया ॥
नया सा अंदाज़ । छकुईं का राज ।
बढ़वाने आया । नया साल आया ॥
नया साल आया ॥